hindi stories for adult मेरी मौसी मुझसे चुद चुकी थी. अब मैंने उनकी गांड मारनी थी. अगले दिन बारिश में बाहर गार्डन में मौसी ने मुझसे कैसे अपनी गांड मरवाई?
फ्रेंड्स, मैं अक्की आपको अपनी मौसी की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
इस सेक्स कहानी के पहले भाग
मौसी तो चूत चुदवाने ही आई थी
में आपने अब तक पढ़ा था कि मौसी ने मेरे लंड से अपनी चुत चुदाई का मजा ले लिया था.
अब आगे फक ऐस सेक्स कहानी:
थोड़ी देर बाद दिव्या मौसी अपनी चूत को साफ करके पैंटी पहनने लगीं.
मैंने पूछा- क्या हुआ, अब नहीं चुदना है क्या?
वे मोबाइल में टाइम दिखाती हुई बोलीं- साले रात के दो बस रहे हैं, सोना नहीं है क्या?
मैं- मौसी लेकिन अभी तक मैंने आपकी गांड भी नहीं मारी?
मौसी- मुझे पता है बेटा, तुमने मेरी गांड भी नहीं मारी और मेरी चूचियों को भी अच्छे से नहीं पिया.
फिर मौसी मेरी गोद में बैठती हुई बोलीं- आज ही सब मजा ले लेगा क्या? अभी एक हफ्ता का समय है!
उसके बाद उठ कर वे बेड पर लेटती हुई बोलीं- वैसे भी तेरे लंड ने मेरी बुर को अच्छे से चोदा है, अभी तक जलन हो रही. अगर अभी मेरी गांड मार देगा, तो शायद कल मैं तुमसे सही से चुद भी न पाऊं … और मैं नहीं चाहती कि इस पूरे हफ्ते मैं बिना चुदे रहूं.
फिर मैं भी उनके बगल में लेट गया और हम दोनों चुदाई की बात करते करते सो गए.
अगली सुबह मैं सोकर उठा तो, मौसी अभी भी सो रही थीं.
सोती हुई वे बहुत ही खूबसूरत लग रही थीं.
मैं उठा और उनके गाल पर एक किस किया. वे सोती रहीं.
फिर मैं जाकर रेडी हो गया और कोचिंग क्लास के लिए निकल गया.
उधर से आते वक्त 10 बज रहे थे और मौसम बारिश वाला हो रहा था.
मैं जल्दी से रूम पर आया. hindi stories for adult
रूम पर आते ही मैंने देखा कि मौसी मस्त पीले रंग की सिल्क की साड़ी और डिजाइनर ब्लाउज पहनी हुई हैं.
वे अपनी साड़ी को नाभि के नीचे बांधी हुई किसी हीरोइन से कम नहीं लग रही थीं.
सेक्सी मौसी को देखते ही मैंने उन्हें पकड़ा और उनके होंठों पर एक किस कर लिया.
वे मुस्कुराती हुई बोलीं- मेरे साजन … ज्यादा उतावलापन ठीक नहीं है. पहले खाना खाकर आराम कर लो, फिर साथ में मस्त मजा करेंगे.
मुझे भूख भी लगी थी, इसलिए मान गया नहीं तो पटक कर वहीं पेलना स्टार्ट कर देता.
हम दोनों ने साथ में खाना खाया.
उसके बाद दोनों साथ में ही बाहर टहलते हुए बातें करने लगे.
मैं- अच्छा मौसी सही सही बताना, अब तक कितने बायफ्रेंड रह चुके थे आपके … और किस किस के साथ आपने मजे लिए!
मौसी कुछ सोचती हुई बोलीं- जानने की इतनी जल्दी क्या है, समय आने दो सब बताऊंगी … तेरे बिना पूछे ही बताऊंगी.
फिर मैंने दुबारा नहीं पूछा, बस इधर उधर की बातें करने लगा.
करीब 11: 30 हुए होंगे, तभी अचानक से बहुत तेज बारिश आना शुरू हो गई.
मैं बारिश से बचने के लिए कमरे के अन्दर भाग गया.
लेकिन मौसी वहीं खड़ी होकर बारिश में भीग रही थीं.
मैं बोला- बाहर क्या कर रही हो, अन्दर आ जाओ!
मौसी- नहीं, तुम बाहर आओ, साथ में भीगते है.
मैंने मना कर दिया और खड़ा होकर उन्हें देखने लगा.
वे पूरी तरीके से भीग गई थीं.
बारिश की बूंदें उनके सर से होंठों को छूते हुए दोनों चूचियों के बीच से होकर उनकी नाभि को चूमती हुई साड़ी के अन्दर जा रही थीं.
जिसे देख कर कोई भी मर्द बेकाबू हो जाए.
जब उनकी नजर मेरे लंड पर पड़ी, तब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था.
वे मचलती हुई मेरे नजदीक दरवाजे के पास खड़ी हो गईं और बारिश की कुछ बूंदें मेरे लंड पर फेंक कर हंसती हुई बोलीं- आ जा, अगर मुझे पकड़ लिया तो तू मेरी गांड मार सकता है! hindi stories for adult
इतना बोल कर उन्होंने एक बार फिर से कुछ बूंदें मुझ पर फेंका और बाउंड्री के अन्दर ही मक्के की फसल में भाग गईं.
उनका मस्त ऑफर सुनते ही मैं उनके पीछे दौड़ा और मक्के के खेत के अन्दर पीछे से पकड़ लिया.
उनकी पूरी गांड मेरे लंड से टच हो गई.
मैं उनकी गर्दन को चूमते हुए एक हाथ से उनके चूचे और दूसरे हाथ से उनकी चूत को मसलने लगा.
अहह … क्या माहौल था, किसी फिल्म की तरह.
मैं- मौसी अहहह … उम्म्म … चल अब अन्दर और औंधी हो जा … आज तेरी गांड का बाजा बजाता हूँ!
मौसी- नहीं, अन्दर नहीं … जो करना है यहीं खुले में कर ले.
अब मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गया था.
मैं उनके एक हाथ को पकड़ कर मोड़ते हुए दीवार के एक कोने पर ले गया.
मौसी- आहह … साले हाथ तोड़ेगा क्या?
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मैं कुछ नहीं बोला और दीवार की तरफ धक्का दिया, वे एक हाथ के सहारे झुक गईं.
मैंने जल्दी से उनके साड़ी को ऊपर करते हुए उनकी पैंटी को नीचे सरका दिया.
उफ्फ … उनकी भीगी हुई गांड कश्मीरी सेब जैसी लग रही थी.
मैंने अपने लोअर को भी अपने घुटनों तक सरका दिया.
वे बोलीं- अब जल्दी से मेरी गांड में अपना लंड डालकर चोद दे.
मैंने तुरंत अपना लंड उनकी गांड के छेद पर रख कर एक जोरदार झटका मारा.
वे चिहुंकती हुई- अह्ह्ह् … साले थोड़ा आराम से.
मेरा लंड बाहर फिसल गया.
एक बार फिर मैंने उनकी गांड पर लंड लगाया और फिर से एक झटका दे दिया.
लेकिन इस बार भी मेरा लंड फिसल गया.
मौसी हांफती हुई बोलीं- साले पहले थूक तो लगा ले … क्या सूखी ही मारेगा!
उन्होंने अपना हाथ छुड़ाया और दोनों हाथों को दीवार पर टिका कर अपनी गांड थोड़ी ऊंची कर ली.
वे बोलीं– प्लीज … इस बार अन्दर डाल ही देना!
मैंने पहले तो उनकी गांड में ढेर सारा थूक लगाया और उंगली से छेद को अच्छे से गीला किया.
फिर देर न करते हुए मैंने अपने लंड को उनकी गांड पर रख दिया और उनकी कमर को पकड़ कर एक जोर का झटका दे मारा जिससे मेरा आधा लंड उनकी गांड में चला गया.
वे दर्द से चिल्लाने लगीं- आहह … साले कुत्ते बाहर निकाल अपने लंड को … आंह मादरचोद मेरी गांड फट गई … आंह दर्द हो रहा है … लंड बाहर निकाल बहनचोद … फट गई मेरी गांड!
उनकी बातों को अनसुना करते हुए मैंने एक झटका और मारा और उनकी गांड में अपना पूरा लंड उतार दिया.
वे चिल्लाई जा रही थीं- उह्ह्ह् साले निकाल इसको … आहह मर गई मैं … लंड निकाल भोसड़ी के बाहर आंह … निकाल आह कमीने.
मौसी रोने लगी थीं.
मैं उन पर रहम खाकर थोड़ी देर रुक गया.
कुछ देर बाद उनका दर्द कम हो गया तो वे खुद अपनी गांड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगीं.
अब मैं उनकी कमर को अच्छे से पकड़ कर उनको हचक कर चोदने लगा.
वे भी मजे में ‘आईई … ऊईई … उफ्फ … मर गई … मर गई …’ करके सिसकारियां लेने लगीं.
मुझे उनकी टाइट गांड मारने में बहुत मजा आ रहा था.
हम दोनों बारिश में भीगते हुए सेक्स का मजा ले रहे थे.
मौसी कामुक आवाज में बोलने लगीं- आहह उन्ह चोद साले … चोद और जोर से चोद फाड़ दे मेरी गांड को … चोद भोसड़ी के बहुत मस्त लंड है तेरा … आज मेरी गांड को फाड़ दे.
मैंने अपने झटकों की स्पीड को बढ़ा दिया.
वे भी अपनी गांड को उसी स्पीड से हिलाने लगीं- अहह … उहह चोद आह्ह चोद फाड़ दे मेरी गांड और जोर से चोद आहह … उहह … उहह मर गई आहह ऊईईई मार जोर से झटके मार … आहह आआह फाड़ और फाड़!
मेरी जांघें उनके चूतड़ों से टकराने लगीं, जिससे वहां पर पट-पट की आवाज होने लगी.
उनकी गांड काफी टाइट थी, इसलिए करीब 20 मिनट की घमासान फक ऐस सेक्स के बाद मैं झड़ने की कगार पर आ गया.
एक लंबी आह के साथ मैंने अपना सारा माल उनकी गांड में डाल दिया.
थोड़ी देर बाद मैंने उनकी गांड से अपना लंड निकाल लिया.
तो वे हांफती हुई सीधी खड़ी हो गईं.
उनका चेहरा पूरा लाल हो गया था.
मौसी मुझसे चिपक गईं.
मैं उनकी गांड सहलाते हुए बोला- कैसा लगा?
मौसी- जान निकाल दी तूने!
अब बारिश भी रुक गई थी.
मेरे लंड को सहलाती हुई मौसी बोलीं- मेरी चूत और गांड तो मार चुका, अब इसका स्वाद मुँह में लूंगी.
मैं उनको गोदी में उठाते हुए बोला- जैसी आपकी मर्जी.hindi stories for adult
फिर हम दोनों किस करते हुए कमरे के अन्दर आ गए.
पहले तो दोनों ने एक दूसरे के सारे कपड़े निकाल कर फेंक दिए और पूरे नंगे होकर एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे.
मैं अपने बाएं हाथ से उनके चूचे मसलने लगा और अपने दाएं हाथ से उनकी गांड के साथ खेल रहा था.
वे सिसकारियां लेने लगीं- आह आह … ओह और जोर … स… स.. से … अक्की … आह्ह… मजा आ रहा है अक्की.
फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर गिरा दिया और उनके ऊपर चढ़ कर उनके होंठों को चूमने चाटने लगा.
धीरे धीरे अपना एक हाथ उनकी चूत पर ले जाकर सहलाने लगा. उनकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया.
वे पूरी जोश में आ गई थीं और उन्होंने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी.
मैंने भी बड़े ही बेरहमी से उनके मम्मों को निचोड़ना शुरू कर दियाhindi stories for adult
वे अन्दर ही अन्दर मेरी जीभ को चूसती हुई सिसकारियां लेने लगी- उम्म … हूं … हूंम्म … उम्म … मुच पूच … उम्म आह.
धीरे धीरे मैं उनकी टांगों के बीच गया गया और उनकी चूत को चूमने चाटने लगा.
वे बिस्तर पर फड़फड़ाने लगीं.
मैं उनकी चूत का कोना कोना चाट रहा था और वे अपने मम्मों को निचोड़ रही थीं.
थोड़ी देर तक चूत चाटने के बाद मैं अपने लंड का सुपारा उनकी चूत पर रगड़ने लगा.
मौसी सिसकारियां लेती हुई बोलीं- अक्की चूत में मत डालो, मेरे मुँह में डालो प्लीज!
मैंने उनकी गर्दन पकड़ी और उनके दोनों गालों पर चांटे मारते हुए कहने लगा– मादरचोद कुतिया, चल अब मेरे लंड को चूसने के लिए तैयार हो जा हरामजादी.
वे बेड से उतर कर नीचे बैठती हुई बोलीं- मैं तो कब से तुम्हारा कड़क लंड चूसने के लिए मरी जा रही थी.
मौसी ने कुतिया की तरह झुक कर मेरे अंडे जैसे बड़े गुलाबी सुपारे को मुँह में ले लिया.
जैसे जैसे उनकी जीभ मेरे लंड पर नाचती गयी, वैसे वैसे मेरा लंड और ज्यादा फूलने लगा.
जल्द ही मेरा लंड एक मोटे तंदुरूस्त साढ़े सात इंच लम्बे लौड़े में तबदील होता चला गया.
मैं ‘सी … सी …’ करते हुए बोला- वाह हरामजादी वाह … क्या बात है, साली तू तो काफी मजेदार तरीके से लंड चाटती है!
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वे मुस्कुराती हुई मेरे लंड को मजे से चाटने लगी; फिर धीरे धीरे लंड को मुँह में लेने लगीं.
मेरा लंड काफी मोटा है, तो उन्होंने अपना पूरा मुँह खोला और लंड को मुँह में डालने लगीं.
मेरा सिर्फ एक तिहाई लौड़ा ही उनके मुँह में समा पा रहा था.
मैं उनके बालों को पकड़ कर लंड दबाते हुए बोलने लगा- … आह्ह … साली रंडी … कोशिश कर … हराम की जनी … साली!
शायद उनका मुँह फटा जा रहा था, फिर भी मौसी ने आधे से ज्यादा लंड को मुँह में डाल लिया था और अन्दर ही अन्दर धीरे धीरे करके लंड को चूसना शुरू कर दिया था.
उनकी जीभ मुझे अपने लौड़े के इर्द-गिर्द चलती हुई महसूस हो रही थी और गले के मुलायम मांस की गर्मी से बेहद सनसनी होने लगी थी.
मैं अपना लंड अन्दर ही ठांस कर रोकता और थोड़ी देर बाद बाहर निकालता.
ऐसा बार बार करने के बाद मैं उनके एक दूध को मसलते हुए बोलने लगा- आह मादरचोद कुतिया, पूरा लंड मुँह में डाल न बहन की लौड़ी छिनाल!
मौसी ने लंड मुँह से निकाला और बोलीं- साले भैन के लौड़े … तुम्हारा लंड काफी मोटा और लंबा है, मेरे मुँह में पूरा नहीं घुस पाएगा!
मैंने गुस्से से उनके दूध को मसलते हुए कहा- साली मादरचोद रांड, अभी देख मैं तेरे मुँह में पूरा लंड डालता हूँ … तू बस देखती जा कुतिया!
मैंने उन्हें बिस्तर पर पीठ के बल गिरा दिया और उनके सिर को बिस्तर से नीचे लटका दिया.
उन्होंने मेरी बात समझ ली कि मैं कैसे मुँह चोदना चाहता हूँ, तो उन्होंने अपना पूरा मुँह खोल दिया और मेरे लंड अपने मुँह में अन्दर तक लेने लगीं.
मैं भी धीरे धीरे करके अपने लंड को उनके मुँह में सरकाता जा रहा था. फिर मैंने उनके दोनों दूध पकड़े और उनके मुँह की मां चोदने लगा.
वे बिस्तर पर फड़फड़ाने लगीं, लेकिन मैंने उनके मम्मों को पकड़कर दबोचा हुआ था, इसलिए मौसी छूट नहीं पा रही थीं, वे बेबस हो गई थीं.
देखते ही देखते मेरा लंड उनके मुँह में गले तक पूरा घुसने लगा और मेरे अंडे उनके माथे से चिपक गए.
मौसी अपने हाथ पांव पटक रही थी, लेकिन मैंने उन्हें दबोच कर रखा था.hindi stories for adult
उनकी सांस रुकने लगी और आंखों में आंसू आ गए.
थोड़ी देर बाद मैंने उनके मुँह से लंड निकाला और पूछा- कैसा लगा मादरचोदी?
वे अपने आंसू पौंछ कर बोलीं- बाप रे … तूने तो मेरी जान निकाल दी.
मैंने कहा- चल अब कुतिया बन कर चाट ले!
मौसी झट से कुतिया बन गईं और मेरे लंड को चूसने चाटने लगीं.
मैं उनके मुँह में लंड रगड़ने लगा.
मैंने उनके मुँह को चोदने की अपनी रफ्तार बढ़ा दी और तेज तेज उनके मुँह को चोदने लगा.
उनकी सांस फिर से रुकने लगी.
मेरा लौड़ा तेजी से उनके मुँह के अन्दर बाहर हो रहा था.
थोड़ी देर बाद मैं एकदम से थमता चला गया और उनका मुँह मेरे वीर्य से भर गया.
मैं कराहता हुआ कहने लगा- आह हरामजादी … रांड साली वाह क्या बात है … चल अब जल्दी से पूरा माल गटक जा मादरचोद!
मौसी पूरा वीर्य गटक गईं और मेरे लंड को प्यार से चाटने लगीं.
उनकी हालत बिल्कुल खराब हो गई थी.
वे थोड़ी राहत की सांस लेती हुई बोलीं- अब रहने देते हैं, बाकी के मजे रात में लेंगे.
मैंने सोचा सही है, थोड़ा आराम कर लेंगे तो पूरी रात मस्त चुदाई करेंगे.
उसके बाद हम लोगों ने साथ में नहाया और शाम तक इधर उधर की बातें करते हुए आराम किया.
शाम को हम दोनों ने दारू पीने के सोची और मैं एक हाफ ले आया. दारू पीने के बाद खाना हुआ और उसके बाद मौसी मस्त सेक्सी सी नाइटी पहन कर रेडी हो गईं.
वे एक बार फिर से चुदने के लिए रंडी लगने लगी थीं.
थोड़ी ही देर में हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर बेतहाशा चूमे जा रहे थे.
तभी बेल बजी.
मौसी दारू के नशे में बोलीं- इस वक्त कौन भैन का लौड़ा आ गया!
हम दोनों एक दूसरे से अलग होते हुए.
मैंने बाहर जाकर गेट खोला.
गेट पर बगल वाले एक बंटी भैया थे, जिनकी शादी अभी एक महीने पहले हुई थी.
उस जगह सिर्फ हम दोनों का ही घर था. hindi stories for adult
मैं- क्या हुआ भैया, आप इतनी रात को?
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वे बिना कुछ बोले सीधा अपने मोबाइल में मुझे वीडियो दिखाने लगे, जिसमें मैं सुबह खुले में मौसी की गांड मार रहा था.
वीडियो देख कर मेरे तो होश उड़ गए कि यह मामा को सब बता देंगे.
बंटी- देख अक्की, मैं तेरे मामा को कुछ नहीं बताऊंगा, लेकिन मैं भी उस साली की एक बार गांड मारना चाहता हूँ.
तभी मौसी भी आ गईं.
उन्हें देख कर वे फिर बोले- मस्त माल है यार, कहां से पटाई ऐसी लड़की!
मैंने मौसी को इशारा किया कि वे इसे हम दोनों के रिश्ते के बारे में ना बताएं.
पहले तो हम दोनों ने उनसे सेक्स के लिए मना कर दिया, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे.
फिर वे मुझे समझाते हुए बोले- अक्की, मेरी बीवी अभी सो रही है और मैं कल एक हफ्ते के लिए दुबई जा रहा हूँ, बस एक बार ही करूंगा, वह भी सिर्फ पीछे से … और यह वीडियो अभी के अभी डिलीट भी कर दूंगा.
मैं उन्हें मना करता, तभी मौसी बोलीं- ठीक है, लेकिन सिर्फ एक बार और वीडियो मैं अपने हाथों से डिलीट करूंगी.
बंटी भैया को इतनी जल्दी थी कि वे झट से मान गए.
अब मौसी रेडी थीं, तो मैं भी कुछ नहीं बोला.
हम तीनों लोग अन्दर आ गए. hindi stories for adult
मुझे बहुत बुरा लग रहा था लेकिन वीडियो की वजह से कुछ नहीं बोल पाया.
पहले तो मौसी ने वीडियो डिलीट कर दिया.
मौसी ने यह मास्टर शॉट मारा था, पर अभी भी यह जानना बाकी था कि बंटी भैया ने इस वीडियो की कॉपी तो नहीं बनाई है.
साथ ही मौसी जैसी छिनाल की सोच भी देखनी थी कि उनका क्या मूड है.
यह सब आपको सेक्स कहानी के अगले भाग में विस्तार से लिखूँगा.
फक ऐस सेक्स कहानी पर आप मुझे अपने विचार मेल जरूर करें कि मौसी की चुदाई की कहानी से आपको कैसा लग रहा है.