ससुराल में हुआ खुल्लम-खुल्ला सेक्स – Family Sex Stories

मेरा नाम काजल है। मैं इस घर की बड़ी बहू हूँ। Family Sex Stories

मैं आपको अपने घर की मस्त चुदाई की Xxx Xxx कहानी Family Sex Stories की सुना रही हूँ।

मेरी शादी अभी 1 साल पहले दीपक नाम के लड़के से हुई थी।
मेरी शादी के 6 महीने बाद मेरे देवर की भी शादी हो गयी।

इस तरह हमारे घर में हमारा देवर अजय है और उसकी बीवी मीना है

मेरी सास का नाम मिसेज सरोज है और ससुर हैं मिस्टर हीरालाल है
हमारे साथ हमारी ननद काव्या अपने पति देव के साथ रहती है।

हमारा घर बहुत बड़ा है और हम लोग बड़े प्रेम से मिलजुल कर एक साथ रहते हैं।

हम सब लोग अक्सर साथ बैठकर खूब हँसी-मजाक करते हैं।
सब बीच-बीच में गंदी-गंदी बातें भी करते हैं और नॉन-वेज कहानी  का खूब मज़ा लेते हैं।
फिर हँसी के ठहाके भी खूब लगाते हैं।

हमारे बीच लंड, बुर, चूत, भोसड़ा सब खुल्लम-खुल्ला बोला जाने लगा।
न ससुर को कोई शर्म, न बहू को, न माँ को शर्म, न बेटों को, न बेटी को कोई शर्म और न किसी बहन को।

इतनी मस्ती का माहौल बन गया कि न किसी को कोई शर्म, न झिझक और न कोई डर।

यह सिलसिला मेरी शादी के बाद बहुत जोरों से चलने लगा था।

एक दिन मजाक-मजाक में मेरी सास बोली, “देखो प्रिया! इन लंड, चूत, बुर, भोसड़ा की बातों से हमारे बीच में कोई किसी भी प्रकार का तनाव नहीं रहता। हम सब स्वच्छंद रूप से अपना-अपना काम करती रहती हैं और आपस में मेलजोल ज्यादा ही बढ़ता जाता है। मैं तुमको एक बात और बता रही हूँ। एक औरत की ज़िंदगी में सबसे बड़ी चीज क्या होती है? लंड! ज़िंदगी में लंड न हो तो कुछ भी नहीं और अगर लंड हो तो सब कुछ है!”

मैंने कहा, “हाँ सासू जी! आप सही कह रही हैं!”

इतने में ननद बोली, “प्रिया भाभी! अब तुम दोनों के आ जाने से चोदा-चोदी का मज़ा दुगुना हो जाएगा!”

उनकी ये बातें सुनकर मैं अंदर से गनगना उठी।
मुझे इस बात की ज्यादा ख़ुशी थी कि ये सारी बातें सबके सामने हो रही थीं, जहाँ मेरा ससुर, मेरा पति, मेरा देवर, मेरी देवरानी, मेरी ननद और उसका पति बैठा हुआ था।

सब लोगों ने इन बातों का खूब मज़ा लिया।

मैं सोचने लगी कि मेरी सास और ननद दोनों लंड और चूत की बातें कर रही हैं, एकदम खुल्लम-खुल्ला, किसी को कोई शर्म भी नहीं है।
जरूर कुछ अंदर की बात है।

एक दिन मैं अपने कमरे में कपड़े बदल रही थी।
मेरी साड़ी उतर चुकी थी; ब्लाउज़ भी उतर गया था।
मैं ब्रा और पेटीकोट में थी।

तभी मेरा ससुर मेरे कमरे में आ गया।

वह नंगे बदन था, केवल लुंगी लगा रखी थी।

उसने मुझे पकड़ लिया और बोला, “बहू रुको! तेरी ब्रा मैं खोल देता हूँ, पेटीकोट भी मैं ही खोल देता हूँ!”
मैं बोली, “अरे हटो ससुर जी! ये क्या कह रहे हो? मैं आपकी बहू हूँ!”

मैंने उसे झटक दिया तो पीछे से मेरी सास आ गई।
वह बोली, “बहू! ये तो घर का ही आदमी है न? इससे क्या शर्माना? कोई बाहर वाला तो है नहीं!”

सास ने ऐसा बोलते हुए उसकी लुंगी खोलकर फेंक दी।
अब ससुर मेरे सामने एकदम नंगा हो गया।

उसका टनटनाता हुआ लंड देखकर मैं दंग रह गई।
लंड देखकर मेरी चूत साली गीली हो गई।

ससुर ने बड़ी बहु को पेला – sasur bahu sex kahani

मैं पहली बार इतना लंबा, मोटा लंड देख रही थी।
सच बताऊँ दोस्तो, मुझे मन ही मन ससुर के लंड से प्यार हो गया।

तभी सास बोल पड़ी, “देखती क्या हो बहू? पकड़ लो न लंड! पकड़कर मज़े से हिलाकर देखो लंड! घर वालों के लंड से शर्माने की कोई जरूरत नहीं है। घर वालों के लंड से खुलकर खेलो!”

अब मैं क्या करती?
मैंने थोड़ा झिझकते हुए हाथ बढ़ाया और लंड पकड़ लिया।
मेरे पकड़ते ही लंड साला और सख्त हो गया।

तब तक सास ने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया।
मुझे नंगी देखकर ससुर का लंड बहनचोद हिनहिनाने लगा।

मैं फिर अपनी सास-ससुर के आगे एकदम नंगी हो गई।
वैसे मुझे लंड एक ही नज़र में पसंद आ गया था।

वहाँ एक कुर्सी पड़ी थी।

ससुर ने मुझे कुर्सी पर नंगी बैठा दिया और खुद मेरे सामने खड़े होकर लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया।

मैं लंड चाटने लगी, बार-बार मुँह से निकालकर लंड चूसने लगी।

उधर मेरे पीछे से मेरी सास आ गई।
उसने मेरे दोनों कंधों पर अपने दोनों हाथ रख दिए और झुककर मेरी चुम्मी ले ली।

मेरे कान में बोली, “बहू! लंड कैसा लगा तुझे अपने ससुर का?”
मैंने आँखों के इशारे से कहा, “बड़ा मस्त और क्यूट है ससुर जी का लंड!”

उसने दोनों हाथ नीचे करके मेरी चूचियाँ दबाना शुरू कर दिया, निपल्स को मसलना शुरू कर दिया।

तब तक मुझे मालूम हो गया था कि मेरी सास भी पूरी नंगी थी।

लंड चूसने से ससुर की उत्तेजना बढ़ गई तो वह खुद ही मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह बार-बार अंदर-बाहर करने लगा।

सच कहूँ तो वह मेरा मुँह ही चोदने लगा।
नतीजा यह हुआ कि वह साला मेरे मुँह में ही झड़ गया।
मैं लंड का सारा माल चाट गई।

इस तरह मैं सास-ससुर दोनों से बिल्कुल बेशर्म हो गई।

दोनों मेरी चुम्मियाँ लेकर कमरे के बाहर चले गए।

मैं मन ही मन खुश हो रही थी कि अब मुझे ससुर से चुदने का मौका जरूर मिलेगा।

उसी दिन रात को मैं जब बड़े कमरे में गई तो वहाँ नज़ारा कुछ और ही था।

मैं वो सब देख रही थी जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
मैंने देखा कि मेरी देवरानी नंगी-नंगी मेरे पति का लंड चूस रही है।

उसके बगल में मेरा देवर मेरी ननद की बुर चाट रहा है और ननद उसका लंड।
ननद अपने भाई का लंड बड़े प्यार से चाट रही थी।

यह देखकर मेरी चूत का पानी छूट गया, बहनचोद!

फिर मेरी नज़र दूसरी तरफ गई तो देखा कि मेरा नंदोई साला मेरी सास का भोसड़ा चोद रहा है।

सास इतनी मस्ती से चुदवा रही थी जैसे कि वह अपने पति से चुदवा रही हो।

वह बोल रही थी, “बेटा देव ! मुझे वैसे ही चोदो जैसे तुम अपनी बीवी चोदते हो! लौड़ा अंदर तक पेल दो यार! बड़ा मस्त लौड़ा है तेरा! मेरी बेटी ने तेरे लौड़े की बड़ी तारीफ़ की थी, तब से मैं तेरे लंड से चुदने के लिए व्याकुल थी। आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही है! मुझे मेरी बेटी के सामने खूब घपाघप चोदो न देव !”

मैं ये सब देख ही रही थी कि पीछे से मुझे मेरे ससुर ने पकड़ लिया।

मेरे कान में बोला, “काजल  बहू! मज़ा आ रहा है न ये सब देखकर? सब लोग मज़ा ले रहे हैं न?”

“हमारे घर में तुम्हें सबसे चुदाई करवाने का मज़ा मिलेगा। अब मैं तुम्हें चोद-चोदकर मज़ा लूँगा!”

उसने मुझे नंगी करके बेड पर चित लिटा दिया और नीचे खड़े-खड़े लंड मेरी चूत में पेल दिया।
चूत साली गीली थी ही तो लंड पूरा का पूरा अंदर सट्ट से घुस गया।

मैं भी निडर होकर मस्ती से चुदवाने लगी।

फिर मैंने देखा कि मेरे पति ने पूरा लंड मेरी देवरानी की चूत में घुसेड़ दिया।

उसकी नज़र मेरी नज़र से मिली तो मैंने इशारे से कहा, “तू बुर चोदी! खूब मज़े से चुदवा ले मेरे पति से! पूरा मज़ा ले ले कुतिया हरामजादी!”

फिर उधर मैंने देखा कि मेरा देवर ने अपना लंड अपनी बहन की बुर में पेल रखा है।
वह साला अपने पापा-मम्मी के सामने ही घपाघप चोदने लगा अपनी बहन की चूत।

थोड़ी देर में उसने घूमकर लंड उसकी गांड में घुसेड़ दिया।
ननद भी साली रंडी की तरह अपने सगे भाई से चुदने लगी।

उधर सास बोली, “बेटा देव ! अब तुम भी मेरी गांड में पेल दो लंड! मुझे गांड मराने में वही मज़ा आता है जो बुर चुदवाने में आता है। देख न, मेरा बेटा कितनी मस्ती से तेरी बीवी की गांड मार रहा है!”

यह सुनकर मेरा पति भी मेरी देवरानी मीना की गांड मारने लगा।

सबकी गांड चुदती हुई देखकर मेरा ससुर भी जोश में आ गया।
उसने मेरी गांड में उंगली घुसेड़ दी।

मुझे लगा कि क्या ये साला मेरी गांड चोदेगा?
मेरा शक सही निकला।

उसने लंड मेरी गांड पर रगड़ना शुरू किया तो मैं झटककर बोली, “भोसड़ी के मादरचोद हीरालाल ! पहले मेरी चूत में लंड पेल कर दिखा! गांड बाद में मार लेना!”

“मैं बहुत चुदासी हूँ! मैं देखना चाहती हूँ कि तेरे लौड़े में मेरी बुर चोदने की ताकत है कि नहीं?”

मेरी ललकार सुनकर उसने गच्च से लंड मेरी चूत में पेल दिया और बिना रुके पागलों की तरह मुझे चोदने लगा।

मुझे सच में हार्ड चुदाई बहुत पसंद है।
जब तक कोई मुझे हचक-हचक कर न चोदे, तब तक मेरा मन नहीं भरता।

मैं भकाभक चुदवाने लगी।

फिर मैंने अपने चारों तरफ देखा कि मेरी सास मेरे नंदोई से चुद रही है, मेरी देवरानी मेरे पति से चुद रही है, मेरी ननद अपने छोटे भाई से चुद रही है।

मज़े की बात यह थी कि कोई भी बुर चोदी अपने पति से नहीं चुद रही थी।
सब की सब भोसड़ी वाली पराये मर्द से चुद रही थीं।

सारे मर्द भी मादरचोद दूसरी की बीवी चोद रहे थे।
अपनी बीवी कोई नहीं चोद रहा था।

सच है दोस्तो कि दूसरे की बीवी चोदने में और दूसरे के मर्द से चुदवाने में बहुत ज़्यादा मज़ा आता है।

उधर सास ने पहले ही अपनी बेटी-बहुओं से कह रखा था, “घर के सारे मर्दों से चुदो और सबके लंड का मज़ा लो!”

इस तरह की खुल्लम-खुल्ला चुदाई मैं पहली बार कर भी रही थी और देख भी रही थी।

मुझे अपनी चुदाई से ज़्यादा मज़ा सबकी चुदाई देखने में आ रहा था।

सबके मुँह से चुदाई के जोश में सिसकारियाँ निकल रही थीं।

“आआ हहह! और चोदो! फाड़ डालो बुर!”
“आआ हहा उफ्फ्फ़! बड़ा मज़ा आ रहा है!”
“हाय रे! बड़ा मोटा लंड है तेरा! वोवोवो!”
“मेरी तो माँ चुदी जा रही है! आहहह!”
“मेरी तो गांड फटी जा रही है यार! होहू हहहह!”
“साला तू बहुत हरामी है! तेरी माँ का भोसड़ा चोद मेरी चूत!”

घर में हुआ चुदाई का माहौल – antarvasana hindi sexy story

उधर मर्द भी कुछ न कुछ बोलने लगे थे।
“साली तू कुतिया है! रंडी है तू!”
“मैं तुझे बीवी की तरह चोदूँगा! तेरी रोज़ चोदूँगा बुर!”
“तेरी माँ का भोसड़ा फाड़ डालूँगा!”

“वाओ माँ के लौड़े! पूरा पेल दे न! देखता क्या है? लंड जल्दी-जल्दी पेल मादरचोद!”

इन सब बातों से सबका चुदाई में जोश बढ़ता जा रहा था।
सबकी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी।

फिर एक टाइम ऐसा आया कि सारे लंड एक-एक करके झड़ने लगे और सबकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया।

झड़ने हुए लंड चाटने का मज़ा मेरे साथ मेरी सास, मेरी ननद और मेरी देवरानी भी लेने लगी।

सच बताऊँ दोस्तो, उस दिन मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

मैं सोच भी रही थी कि मेरी शादी एक ऐसे घर में हो जहाँ चुदाई सबके साथ होती हो और खुल्लम-खुल्ला होती हो।

ये सब देखकर मैं बहुत खुश थी क्योंकि मेरी इच्छा पूरी हो रही थी।

सभी लोग टाँगें फैलाकर चुदाई के बाद नंगे-नंगे ही लेट गए और सबने एक संतुष्टि की साँस ली।

आधे घंटे के बाद मेरा हाथ अचानक देव के लंड पर चला गया क्योंकि वह मेरे बगल में ही लेटा था।

तो देव ने भी मेरी चूचियाँ मस्ती से दबाकर मेरी चुम्मी ले ली।

फिर मैंने देखा कि मीना खुद आगे बढ़कर ससुर का लंड पकड़कर हिलाने लगी।

ससुर भोसड़ी का ताव में आ गया तो वह अंजलि के ऊपर चढ़ बैठा और लंड गच्च से पेल दिया उसकी चूत में।

सबसे पहले ससुर ही अपनी छोटी बहू को चोदने लगा।

बाप ने बेटी को चौदा – antarvasana hindi

फिर मेरे पति का लंड मेरी ननद ने अपने मुँह में भर लिया।
पति भी अपनी बहन की चूत सहलाने लगा।

तब तक सास ने अपने छोटे बेटे अजय को आवाज़ लगाई, “बेटा अजय ! जल्दी आ और घुसेड़ दे लंड अपनी माँ के भोसड़े में! देख न, ये भोसड़ा तेरे लंड के लिए तड़प रहा है!”

अजय तो उत्तेजित था ही सबकी चुदाई देखकर, तो उसने लंड धच्च से पूरा का पूरा एक ही बार में घुसा दिया सास के भोसड़े में।

इस तरह फिर एक बार हम दोनों बहुएँ, सास और ननद घर के लौंडों से चुदने लगीं।

भाई बहन को चोद रहा था, ससुर बहू को चोद रहा था, नंदोई सरहज को, यानी मुझको, घपाघप चोद रहा था और मेरा देवर अपनी माँ को खुले आम चोद रहा था।

हम चारों की चूत में घर के लंड घुसे हुए थे।

देखते ही देखते चुदाई अपने चरम सीमा तक पहुँच गई।
जिसके पास जो लंड था, वह वही झड़ता हुआ लंड चपर-चपर चाटने लगी और सारा का सारा लंड का माल गटक गई।

उसके बाद सब लोग नंगे-नंगे अपना-अपना लंड हिलाते हुए पूरे घर में घूमने लगे।

औरतें भी कम न थीं।
वो भी नंगी-नंगी अपनी-अपनी चूँचियाँ और गांड हिलाती हुई सबके सामने इधर-उधर घूमने लगीं।

इतने में ससुर की निगाह ननद के ऊपर टिक गई।
उसे नंगी देखकर ससुर उसके सामने ही अपना लंड हिलाने लगा।

Family Sex Stories

ननद काव्या के मुँह से निकला, “हाय पापा! तेरा लौड़ा तो बहनचोद … बड़ा मोटा हो गया है!”
ससुर बोला, “तो फिर लो न! पकड़कर देखो इसे!”

काव्या उत्तेजित थी ही, उसने लंड पकड़ लिया तो ससुर ने उसे अपने बदन से चिपका लिया।

फिर क्या, पल भर में बेटी अपने बाप का लंड मस्ती से चूसने लगी।

उसे देखकर देवर मेरी तरफ लपका और बोला, “काजल  भाभी! अब तो मैं लंड पेलूँगा तेरी चूत में!”

तब तक नंदोई ने देखा कि मीना झुककर कुछ उठा रही है।
उसकी नज़र अंजलि की गांड पर टिक गई तो उसने लंड उसकी गांड पर सेट करके एक ही झटके में अंदर घुसेड़ दिया।

वह कुछ बोल नहीं पाई और मज़े से गांड मरवाने लगी।

तब तक मेरा पति दीपक मेरी सास के ऊपर चढ़ बैठा।
यानी बेटा नंगा-नंगा अपनी माँ के ऊपर चढ़ गया और लंड गच्च से उसके भोसड़ा में घुसा दिया।

मैं यह देखकर बहुत खुश हुई कि मेरा पति मेरे सामने अपनी माँ चोद रहा है।

उधर ससुर भी अपनी बेटी चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था।
घपाघप लौड़ा पेले जा रहा था अपनी बेटी की चूत में।

बेटी भी बोल रही थी, “घर का हर एक लंड का मज़ा लूँगी, वो लंड चाहे जिसका हो!”

ये बात तो पक्की थी कि चुदाई में कोई रिश्ता नहीं देखा जाता।

सब लोग नाम ले-लेकर बात करते हैं।
इसलिए काव्या बोली, “भोसड़ी के हीरालाल ! पूरा लौड़ा पेल दे मेरी चूत में! तुझसे चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है! तेरा लौड़ा बड़े कमाल का है!”

सास अपने बेटे से बोली, “हाय मेरे राजा दीपक ! फाड़ दे मादरचोद मेरा भोसड़ा! तेरा लौड़ा मुझे बेहद पसंद है साले! आगे से भी चोद, पीछे से भी चोद!”

तब तक दीपक बोला, “मैं तुझे लंड पे बैठकर चोदूँगा सरोज ! तुझे रंडी की तरह चोदूँगा! तेरे भोसड़ा का भरता बना दूँगा मैं! तू मुझे बहुत अच्छी लगती है!”

तब तक आवाज़ आई, “हाय रे! कितना मज़ा आ रहा है! लौड़ा हो तो मेरे नंदोई देव जैसा लौड़ा!”

यह आवाज़ थी बुर चोदी मीना की, जिसने कहा, “देखो न! सबको चोदकर मेरी चूत का मज़ा ले रहा है ये देव बहनचोद! इसका लौड़ा साला बड़ा बेरहम है! देखो न साला कैसे तूफान मेल की तरह चोद रहा है मुझे! इसने अपनी बीवी को रंडी बना दिया है, अब मुझे भी रंडी बना रहा है!”

मुझे मेरा देवर अजय चोदने में जुटा था।

मैं सबकी चुदाई देखकर अजय से चुदवाने में मगन थी।

पराये मर्द का लौड़ा सच में चूत में बड़ा मज़ा देता है।
मैं खुल्लम-खुल्ला अपनी दोनों जाँघें उठाए हुए अजय से चुदवाए चली जा रही थी।

मेरे मन में, मेरे तन में बस अजय का लंड ही घूम रहा था।

Xxx Xxx फॅमिली सेक्स में हम सबको पहली बार यह एहसास हो रहा था कि सबसे ज़्यादा मज़ा घर के लंड से चुदवाने में ही आता है।

उसके बाद हम चारों की चूत का बाजा खूब बजाया गया।
लोगों ने गांड में पेला लंड और मुँह में भी खूब घुसेड़ा।

चूचियों के बीच में लंड पेलना हर मर्द की आदत होती है।
वो भी बीच-बीच में खूब होता रहा।

थोड़ी देर में मेरा देवर अजय भी अपनी माँ के ऊपर चढ़ गया।
अब दोनों बेटे अपनी माँ चोदने लगे।

एक ने लंड चूत में पेला तो दूसरे ने गांड में।
फिर दोनों ने लंड की जगह अदल-बदल कर माँ का भोसड़ा फाड़ डाला।

उधर ससुर साला मीना को अपनी बाँहों में ले लिया और उसे चूम-चाटकर लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया।

तब तक ननद काव्या मेरे पास आई तो हम दोनों एक-दूसरे की बुर, गांड चाट-चाटकर लेस्बियन करने लगीं।

लेस्बियन का अपना एक अलग ही मज़ा होता है।
हम दोनों ननद-भौजाई यही मज़ा खुल्लम-खुल्ला लेने लगीं।

भाई ने बहन को चौदा – bhai bahan ki sex kahani

फिर थोड़ी देर में दोनों भाई दीपक और अजय अपनी बहन काव्या के ऊपर चढ़ गए।

एक ने लंड मुँह में पेला तो दूसरे ने चूत में!
थोड़ी देर में मुँह वाला लंड गांड में घुस गया।

काव्या ने बड़ी मस्ती से दोनों लंड का मज़ा लिया।

इसी बीच ससुर अपनी दोनों बहुओं को एक साथ चोदने लगा।

वह बोला, “काजल ! आज मैं तुझे चोद रहा हूँ, किसी दिन तेरी माँ भी चोदूँगा! मीना की माँ भी चोदूँगा!”
मीना बोली, “भोसड़ी के हीरालाल ! पहले मुझे अच्छी तरह चोद के दिखा, फिर मेरी माँ चोदना! मेरी माँ चोदने में तेरी गांड फट जाएगी ससुर जी! तेरी बिटिया की बुर मादरचोद!”

इस तरह हमारे घर में हर रोज़ दिन-रात चुदाई होती रहती है।

मज़े की बात यह कि जो भी रिश्तेदार हमारे घर आता है या आती हैं, हम उसे भी चुदाई में शामिल कर लेती हैं।

घर की चूत, घर के लंड का मज़ा ही कुछ और है।

Xxx Xxx कहानी फॅमिली कैसी लगी?

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